तेरा आना तक नागवार गुज़रा.....
तेरे इंतज़ार से कुछ यूँ मुहब्बत की हमने.......
तेरे इंतज़ार से कुछ यूँ मुहब्बत की हमने.......
कौन हूँ मैं…? एक कवियित्री , एक लेखिका ,एक दार्शिनिक या सिर्फ एक संवेदनशील मन …पता नहीं , पर कुछ तो है जो मुझे औरों से जुदा करता है …जान लूँ खुद को फिर बता दूंगी।
जब जब रात गहनाती है..

Happy Birthday Papa......17 oct.2008

